

उत्तराखंड के दो महान पुरोधाओं ‘गिर्दा’ और ‘प्रताप भैया’ की याद में हिमालय संग्रहालय में 22 अगस्त से आयोजित होगी विशेष पोस्टर प्रदर्शनी
नैनीताल। उत्तराखंड की सांस्कृतिक और शैक्षणिक चेतना को दिशा देने वाली दो महान विभूतियों—प्रसिद्ध जनकवि गिरीश तिवाड़ी ‘गिर्दा’ और शिक्षाविद ‘प्रताप भैया’—की पुण्यतिथि के अवसर पर नैनीताल के हिमालय संग्रहालय में एक विशेष पोस्टर प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। 22 से 29 अगस्त तक चलने वाली इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को इन दोनों विभूतियों के व्यक्तित्व और कृतित्व से रूबरू कराना है।
सांस्कृतिक और शैक्षणिक अवदान को नमन
उल्लेखनीय है कि 22 अगस्त 2010 को जनकवि गिर्दा और उसके अगले ही दिन 23 अगस्त को राज्य में शिक्षा की अलख जगाने वाले प्रताप भैया का निधन हुआ था। गिर्दा को जहां प्रदेशभर में एक आंदोलनकारी, जनकवि, रंगकर्मी, नाटककार और साहित्यकार के रूप में याद किया जाता है, वहीं प्रताप भैया की स्मृति में नैनीताल स्थित भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय में हर साल कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

इतिहास विभाग और हिमालय संग्रहालय की नई पहल
इस वर्ष कुमाऊं विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग और हिमालय संग्रहालय (डी.एस.बी. परिसर, नैनीताल) ने एक नई पहल करते हुए प्रतिवर्ष दोनों महान हस्तियों के जीवनवृत्त और उनके विभिन्न आयामों पर पोस्टर प्रदर्शनी आयोजित करने का निर्णय लिया है।
इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो. संजय घिल्डियाल और हिमालय संग्रहालय प्रभारी प्रो. सावित्री कैड़ा जंतवाल ने संयुक्त रूप से बताया कि यह प्रदर्शनी 22 अगस्त से शुरू होकर 29 अगस्त तक आम जनता के लिए खुली रहेगी। आयोजकों ने क्षेत्र के समस्त नागरिकों, शोधार्थियों और छात्रों से इस प्रदर्शनी में उपस्थित होने की अपील की है।
