
मानव-वन्यजीव संघर्ष पर नैनीताल प्रशासन का कड़ा रुख: 109 रेड जोन गांव चिन्हित, फेंसिंग और सोलर लाइट्स के लिए 2.5 करोड़ आवंटित
नैनीताल। जनपद में लगातार बढ़ रहे मानव-वन्यजीव संघर्ष और कृषि-बागवानी को हो रहे नुकसान को रोकने के लिए नैनीताल प्रशासन ने बड़ी पहल की है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने पिछले 5 से 10 वर्षों के आंकड़ों के आधार पर सर्वाधिक प्रभावित 109 गांवों को ‘रेड जोन’ के रूप में चिन्हित कर वहां युद्ध स्तर पर सुरक्षा उपाय लागू करने के निर्देश दिए हैं।
प्रमुख बिंदु:

109 रेड जोन गांव चिन्हित: संयुक्त टीम (वन, कृषि एवं उद्यान विभाग) के अध्ययन के आधार पर सघन खेती और लगातार वन्यजीव हमलों वाले गांवों का चयन।
चैनलिंग फेंसिंग और सोलर लाइट्स: चिन्हित गांवों में गुणवत्तापूर्ण फेंसिंग और पर्याप्त सोलर लाइट्स लगाने का काम प्राथमिकता से शुरू।
2.5 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट: जिला योजना के अलावा खनन न्यास (Mining Trust) से 2.5 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन ताकि शत-प्रतिशत कार्य पूरा हो सके।
मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन: कृषि-बागवानी संरक्षण और जान-माल की सुरक्षा के तहत जरूरत पड़ने पर पिंजरे लगाने के भी निर्देश।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि नैनीताल में किसानों की फसलों और आम जनता के जीवन की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
