नैनीताल हाईकोर्ट स्थानांतरण विवाद: विरोध में उतरे जिला न्यायालय के अधिवक्ता, आम सभा में दी आंदोलन की चेतावनी

नैनीताल हाईकोर्ट स्थानांतरण विवाद: विरोध में उतरे जिला न्यायालय के अधिवक्ता, आम सभा में दी आंदोलन की चेतावनी
​नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी स्थानांतरित (शिफ्ट) करने के प्रस्ताव को लेकर वकीलों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। हाईकोर्ट अधिवक्ताओं के बाद अब जिला न्यायालय नैनीताल के अधिवक्ताओं ने भी इस निर्णय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
​गुरुवार को प्रताप भैया सभागार में जिला बार एसोसिएशन की ओर से आयोजित एक आम सभा में अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से हाईकोर्ट शिफ्टिंग के फैसले को “अन्यायपूर्ण” और “पहाड़ विरोधी” करार दिया।
​आम सभा के मुख्य बिंदु और वक्ताओं के विचार:
​पहाड़ से पलायन की आशंका: बार एसोसिएशन के उप सचिव नीरज गोस्वामी ने प्रदेश सरकार के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य का 85% हिस्सा पर्वतीय क्षेत्र है, फिर भी अधिकांश प्रमुख संस्थान 15% मैदानी (तराई) क्षेत्र में स्थापित किए गए हैं। अब हाईकोर्ट को भी तराई क्षेत्र में ले जाने की तैयारी है, जिससे पर्वतीय इलाकों से पलायन की समस्या और गंभीर होगी।
​रणनीतिक और कानूनी लड़ाई पर जोर: पूर्व अध्यक्ष ओंकार गोस्वामी ने सभी सहयोगी संगठनों से विचार-विमर्श कर आगे की रणनीति तय करने की बात कही, वहीं पूर्व अध्यक्ष नीरज साह ने इस लड़ाई को कानूनी दायरे में मजबूती से लड़ने पर जोर दिया।
​ऐतिहासिक दृष्टिकोण: पूर्व अध्यक्ष भगवत प्रसाद ने अपने अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी स्थापित हाईकोर्ट का इस तरह अन्यत्र स्थानांतरण अभूतपूर्व और समझ से परे है।
​भविष्य के आंदोलन की घोषणा: जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण बिष्ट ने कहा कि एसोसिएशन पूरी तरह से पहाड़ और जनहित के साथ खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगे के आंदोलन की दिशा तय करने के लिए राज्य के सभी बार एसोसिएशनों से वार्ता कर संयुक्त निर्णय लिया जाएगा।
​सभा में तरुण चंद्रा, मनीष कांडपाल, अशोक मौलेखी, सोहन तिवारी, रचित तिवारी, भानू प्रताप सिंह मौनी, नवीन पंत, संध्या शर्मा, कैलाश जोशी तथा जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील शर्मा समेत दर्जनों वरिष्ठ वकीलों ने शिफ्टिंग के विरोध में अपने विचार रखे।
​कार्यक्रम का सफल संचालन सचिव संजय सुयाल द्वारा किया गया। सभा में बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष कमल चिलवाल, उप सचिव नीरज गोस्वामी सहित बड़ी संख्या में कार्यकारिणी सदस्य एवं अधिवक्ता उपस्थित रहे।

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