हल्द्वानी, – उत्तराखण्ड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन (ऐक्टू) ने आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को एक विस्तृत ज्ञापन भेजा, जिसमें पल्स पोलियो अभियान के दौरान आशाओं को दी जाने वाली दैनिक भत्ता 700 रुपये से घटाकर 550 रुपये करने के निर्णय का विरोध किया गया है।
ज्ञापन में यूनियन ने निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी हैंपल्स पोलियो अभियान के एक सप्ताह के भत्ते को पुनः 700 रुपये किया जाए।2021 में किए गए वादे के अनुसार आशाओं को मासिक मानदेय 11,500 रुपये दिया जाए।आशाओं को न्यूनतम वेतन, स्थायी कर्मचारी दर्जा और सेवानिवृत्ति पर अनिवार्य पेंशन प्रदान किया जाए।सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये की एकमुश्त राशि दी जाए, जब तक पेंशन लागू न हो। सभी वित्तीय भुगतान हर महीने सुनिश्चित किया जाए, प्रशिक्षण के दौरान प्रतिदिन 500 रुपये का भुगतान हो। सरकारी अस्पतालों में आशाओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार का आदेश जारी किया जाए, विशेषज्ञ डॉक्टरों के रिक्त पद भरे जाएँ और प्रत्येक अस्पताल में आशा घर का निर्माण किया जाए।
यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों को समयबद्ध रूप से पूरा नहीं किया गया तो राज्यव्यापी आंदोलन और पल्स पोलियो अभियान के बहिष्कार की संभावना है।
