कैंची धाम स्थापना दिवस के मद्देनजर जिलाधिकारी वंदना ने सोमवार को मंदिर परिसर में अधिकारियों और मंदिर समिति के सदस्यों के साथ बैठक की। इस दौरान मेले को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।
मुख्य निर्णय:
- शटल सेवा: कैंची धाम तक श्रद्धालुओं के लिए शटल सेवा शुरू की जाएगी। हल्द्वानी, भीमताल, नैनीबैंड, भवाली, नैनीताल और गरमपानी से शटल सेवाएं चलेंगी।
- पार्किंग व्यवस्था: विभिन्न स्थानों पर पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। इनमें साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत आपूर्ति और शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
- सफाई व्यवस्था: मेला परिसर और शिप्रा नदी में नियमित साफ-सफाई की जाएगी। सुरक्षा के लिए नदी किनारे तारबंदी की जाएगी।
- भोजन और पेय: सड़क किनारे फूड वैन और ठेले पूरी तरह से बंद रहेंगे। सेवादार अपनी जमीन या पार्किंग स्थलों में सेवा दे सकते हैं।
- प्लास्टिक मुक्त मेला: मेला प्लास्टिक मुक्त होगा। सभी शटल वाहनों में कूड़ेदान लगाए जाएंगे।
अन्य व्यवस्थाएं:
- यातायात व्यवस्था: भीमताल और कैंची धाम के बीच पुरानी वन विभाग की चौकी से आगे दोपहिया वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। बुजुर्गों, बीमार और दिव्यांगों के लिए दो अतिरिक्त शटल सेवाएं चलेंगी।
- चिकित्सा व्यवस्था: मेला अवधि के दौरान पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस, चिकित्सक, मेडिकल टीम और दवाइयां उपलब्ध रहेंगी।
- सुरक्षा व्यवस्था: शांति और सुरक्षा के लिए मजिस्ट्रेट और पीआरडी जवान तैनात किए जाएंगे।
कार्य प्रगति:
- सभी अधिकारी 12 जून तक अपनी तैयारियां पूरी कर लें।
- लोक निर्माण विभाग निर्माणाधीन नहर कवरिंग और पाथवे का कार्य समय पर पूरा करेगा।
- वन विभाग कैंची धाम और शिप्रा नदी के आसपास विशेष साफ-सफाई और सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग करेगा।
बैठक में एसएसपी पीएन मीणा, एडीएम विवेक राय, सचिव प्राधिकरण विजय नाथ शुक्ल समेत अन्य अधिकारी और मंदिर ट्रस्ट के सदस्य मौजूद रहे।
