
हल्द्वानी (नैनीताल)
नैनीताल पुलिस की सतर्कता और सघन चेकिंग अभियान के चलते फर्जी अधिकारी बनकर रौब गांठने वाले एक युवक का भांडाफोड़ हुआ है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के निर्देशानुसार जिले में चलाए जा रहे संदिग्धों की धरपकड़ व वाहन चेकिंग अभियान के तहत कोतवाली हल्द्वानी पुलिस ने एक फर्जी आई.बी. (इंटेलिजेंस ब्यूरो) अधिकारी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

तिकोनिया चौराहे पर चेकिंग के दौरान हत्थे चढ़ा आरोपी
पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल, क्षेत्राधिकारी अमित कुमार के पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह मेहता के नेतृत्व में 12 सितंबर को भोटियापड़ाव चौकी पुलिस टीम तिकोनिया चौराहे पर सघन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान काठगोदाम की दिशा से आ रही एक हुंडई कार UP25CS 9327 जिस पर ‘भारत सरकार’ का बोर्ड और लाल-नीली बत्ती लगी थी, को रोका गया।
कार चालक ने खुद को आई.बी. ऑफिसर बताते हुए एक परिचय पत्र प्रस्तुत किया और अपनी पहचान मो. मोहासिब खान 24 वर्ष पुत्र मो. अयूब खान, निवासी शाहबाद गेट, रामपुर उत्तर प्रदेश के रूप में दी। जब पुलिस टीम ने पद व नियुक्ति से संबंधित विस्तृत जानकारी मांगी, तो आरोपी सकपका गया और संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका।

डैशबोर्ड से मिले जाली दस्तावेज और एयरगन
संदेह होने पर जब वाहन की गहन तलाशी ली गई, तो कार के डैशबोर्ड से:
फर्जी आई.बी. पहचान पत्र एवं संबंधित जाली कागजात
रौब दिखाने के लिए रखी गई पिस्टल जैसी एयरगन
नीली बत्ती और ‘भारत सरकार’ लिखा बोर्ड लगा वाहन बरामद हुआ।
कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने स्वीकार किया कि वह लोगों पर रौब जमाने और गलत फायदा उठाने के लिए फर्जी पहचान पत्र व दस्तावेजों का इस्तेमाल कर रहा था।
विधिक कार्यवाही और पुलिस टीम
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोतवाली हल्द्वानी में मु.अ.सं. 315/2026 के तहत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है तथा वाहन को एम.वी. एक्ट में सीज किया गया है। अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में चौकी प्रभारी भोटियापड़ाव उ.नि. कृपाल सिंह, कॉन्स्टेबल मो. अजहर और कॉन्स्टेबल सुनील टम्टा शामिल रहे। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फर्जी पहचान बनाकर सरकारी पद का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी।
