
नैनीताल। सरोवर नगरी में आगामी 16 से 23 सितंबर तक आयोजित होने वाले ऐतिहासिक 124वें नंदा देवी मेला महोत्सव को भव्य, दिव्य और स्थानीय लोक संस्कृति के अनुरूप संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। बुधवार को जिला कार्यालय सभागार में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की अध्यक्षता में पूर्व तैयारियों को लेकर एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में क्षेत्रीय विधायक सरिता आर्या, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डे, श्रीराम सेवा समिति के प्रतिनिधि, व्यापार मंडल और विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी मौजूद रहे।

स्थानीय लोक संस्कृति और उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा
जिलाधिकारी ने कहा कि नंदा देवी मेला जन-आस्था का प्रतीक है। मेले के दौरान आयोजित होने वाले सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं पर आधारित होंगे और स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से ‘हाउस ऑफ हिमालया’ ब्रांड, महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उद्यमियों के लिए विशेष स्टॉल आवंटित किए जाएंगे।

प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध और विद्युत सजावट
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने पूरे मेला क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त रखने के सख्त निर्देश दिए हैं। नगर की सुंदरता बढ़ाने के लिए ठंडी सड़क सहित पूरे क्षेत्र में विद्युत लाइटों की विशेष व्यवस्था की जाएगी। नगर पालिका को समय से पारदर्शी टेंडरिंग प्रक्रिया पूर्ण कर पंडाल, टेंट और मंच निर्माण कार्य समय पर निपटाने के निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था और मुख्य दिन मदिरा की दुकानें रहेंगी बंद
बैठक में जनसुरक्षा और सुगम आवागमन को लेकर भी अहम फैसले लिए गए:
शराब की दुकानें बंद: मेले के मुख्य दिन नैनीताल मुख्यालय की समस्त ठेका मदिरा की दुकानें पूर्णतः बंद रहेंगी।
सुरक्षा एवं यातायात: अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। श्रद्धालुओं के लिए रोडवेज की अतिरिक्त बसों व पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी।
सड़क एवं सफाई व्यवस्था: डोला मार्ग और लोअर मॉल रोड की मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पेयजल, चिकित्सा शिविर (आयुष्मान कार्ड सुविधा सहित) और स्वच्छता के पुख्ता इंतजाम रहेंगे।
”नंदा देवी मेला जनपद की विशिष्ट पहचान है। इसे भव्यता और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करें।”
— ललित मोहन रयाल, जिलाधिकारी (नैनीताल)
