
नंदा देवी महोत्सव: 124वें वर्ष की यात्रा में कदली वृक्ष पूजन के साथ भव्य शुभारंभ, मंगोली गांव पहुंचा राम सेवक सभा का दल
नैनीताल। ऐतिहासिक श्री नंदा देवी महोत्सव के 124वें वर्ष की पावन यात्रा के अंतर्गत आज श्री राम सेवक सभा के प्रतिनिधिमंडल ने मंगोली गांव पहुंचकर पूर्ण विधि-विधान के साथ कदली (केले) के वृक्ष का चयन एवं पूजन किया।
वैदिक परंपरा और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नंदा-सुनंदा की दिव्य मूर्तियों के निर्माण के लिए कदली वृक्ष को आधार माना जाता है। इस अवसर पर पंडितों द्वारा मंत्रोच्चार के बीच कदली वृक्ष की पूजा-अर्चना की गई और परंपरा अनुसार अक्षत अर्पित किए गए।

धार्मिक एवं आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से कदली का महत्व
सनातन धर्म में कदली को देववृक्ष माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, इसके मूल में भगवान विष्णु, मध्य में देवगुरु बृहस्पति तथा अग्रभाग में भगवान शिव का वास होता है। विष्णु पुराण में भी कदली वृक्ष की पवित्रता का उल्लेख मिलता है। इसके अतिरिक्त, आयुर्वेद में भी इसे पोटैशियम, मैग्नीशियम, फाइबर, विटामिन B6 और एंटी-ऑक्सीडेंट्स का मुख्य स्रोत मानकर स्वास्थ्य व प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला बताया गया है।
भजन-कीर्तन से गुंजायमान हुआ वातावरण
वृक्ष चयन और पूजन के दौरान संपूर्ण वातावरण ‘मां नंदा-सुनंदा’ के जयकारों और मधुर भजनों से गुंजायमान हो उठा।
कार्यक्रम में स्थानीय बीडीसी सदस्य मुकेश मेहरा, प्रधान दीवान सिंह, गोविंद सिंह, गणेश सिंह, हिम्मत सिंह, पंकज मेहरा, सचिन मेहरा, राजन सिंह, भगवान सिंह, नैन सिंह, चंदन सिंह, ममता मेहरा तथा हंसी मेहरा उपस्थित रहे। वहीं श्री राम सेवक सभा की ओर से बिमल चौधरी, भुवन बिष्ट, गोधन सिंह, हीरा, मोहित लाल साह एवं हरीश राणा ने प्रतिभाग कर पूजन संपन्न कराया।
