आर्ट ऑफ लिविंग के 45वें स्थापना वर्ष पर उत्तराखंड के राज्यपाल ने गुरुदेव श्री श्री रविशंकर से की भेंट
बेंगलुरु |
28 अप्रैल, 2026 को उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर का दौरा किया। संस्था के 45वें स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इस विशेष भेंट के दौरान उन्होंने वैश्विक मानवतावादी नेता गुरुदेव श्री श्री रविशंकर से मुलाकात की और मानवता, चेतना एवं सेवा के भविष्य पर चर्चा की।
आर्ट ऑफ लिविंग का 45वां वर्ष: वर्ष 1981 में स्थापित यह संस्था अब 182 देशों में 80 करोड़ से अधिक लोगों के जीवन को प्रभावित कर चुकी है।
संस्कृत और तकनीक का संगम राज्यपाल ने कहा कि संस्कृत और कंप्यूटर विज्ञान में गहरी समानता है और भविष्य की AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) विकसित होकर ‘ब्रह्मांडीय बुद्धिमत्ता’ का रूप लेगी।
विश्व का सबसे बड़ा ध्यान स्थल स्थापना वर्ष के अवसर पर आश्रम में एक विशाल ध्यान मंदिर का उद्घाटन होने जा रहा है, जो दुनिया के सबसे बड़े ध्यान केंद्रों में से एक होगा।उत्तराखंड में सेवा कार्यों की सराहना
राज्यपाल ने उत्तराखंड में आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा किए गए सेवा कार्यों को विशेष रूप से रेखांकित किया
आपदा प्रबंधन 2013 की त्रासदी और 2025 के उत्तरकाशी फ्लैश फ्लड्स के दौरान स्वयंसेवकों द्वारा दी गई त्वरित राहत सेवा।प्राकृतिक खेती रुद्रप्रयाग में महिला किसानों द्वारा रसायनमुक्त खेती को अपनाकर ग्रामीण सशक्तिकरण की मिसाल पेश करना।
पर्यावरण हिमालयी क्षेत्रों में वृक्षारोपण और जल संरक्षण के निरंतर प्रयास।
संस्था का राष्ट्रीय एवं वैश्विक प्रभाव
”दुनिया को और अधिक शांतिपूर्ण बनने की आवश्यकता है। हमारी जिम्मेदारी पृथ्वी पर रहने वाले सभी 8 अरब मनुष्यों के प्रति है।”
लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त), राज्यपाल, उत्तराखंड
