
नैनीताल कुमाऊं की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को संजोने के उद्देश्य से जीवन वर्षा कला संगम समिति द्वारा शुक्रवार को ठंडी सड़क में स्थित माँ पाषाण देवी मंदिर परिसर में ‘भीटोली’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।

चैत्र मास के इस पावन अवसर पर महिलाओं को भीटोली भेंट कर लोक संस्कृति का सम्मान किया गया।
धार्मिक अनुष्ठान और परंपरा का संगम

कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित जगदीश भट्ट द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार और विशेष पूजा-अर्चना के साथ किया गया। उन्होंने भीटोली के आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह परंपरा भाई-बहन के अटूट प्रेम और मायके से जुड़ाव का प्रतीक है।
मुख्य अंश:
परंपरा का सम्मान: समिति की ओर से उपस्थित दर्जनों महिलाओं को पारंपरिक वस्त्र, फल और मिष्ठान देकर ‘भीटोली’ दी गई।
सांस्कृतिक संदेश: इस दौरान कुमाऊँनी लोक गीतों की प्रस्तुति ने वातावरण को उल्लासमय बना दिया।
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— वर्षा आर्या (अध्यक्ष, जीवन वर्षा कला संगम समिति
हमारा उद्देश्य आधुनिकता के दौर में अपनी लुप्त होती परंपराओं को जीवित रखना है। भीटोली केवल एक उपहार नहीं, बल्कि बेटियों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक माध्यम है।”
समिति की सचिव डॉ. प्रगति जैन ने कार्यक्रम का कुशल संचालन किया। उन्होंने बताया कि संस्था भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजन कर युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का प्रयास करती रहेगी।
इस अवसर पर मंदिर समिति के सदस्य और क्षेत्र की गणमान्य महिलाएं उपस्थित रहीं।
