
नैनीताल: शराब की दुकानों के खिलाफ महिलाओं का ‘रणचंडी’ अवतार, मंगोली और बजून में भारी विरोध
नैनीताल। सरोवर नगरी के खुर्पाताल क्षेत्र में प्रस्तावित शराब की नई दुकानों को लेकर जन-आक्रोश चरम पर है। क्षेत्र के मंगोली और बजून गांवों में शराब के ठेकों के विरोध में स्थानीय महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है। यह प्रदर्शन अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है।
रात भर चला धरना, बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं प्रस्तावित दुकानों के बाहर एकत्र हो गईं। कड़कड़ाती ठंड और रात के सन्नाटे के बीच महिलाओं के नारों ने प्रशासन की नींद उड़ा दी। शुक्रवार को भी यह विरोध प्रदर्शन जारी रहा, जहाँ महिलाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर जमकर नारेबाजी की और स्पष्ट किया कि वे किसी भी कीमत पर गांव में शराब की दुकान नहीं खुलने देंगी।
ग्रामीणों की चिंता: बिगड़ता माहौल और युवाओं का भविष्य
प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि खुर्पाताल और आसपास का क्षेत्र अपनी शांति और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। शराब की दुकानें खुलने से न केवल गांव का शांत माहौल दूषित होगा, बल्कि अराजकता भी बढ़ेगी।
”शराब की दुकानें हमारे परिवारों को बर्बाद कर देंगी। इससे हमारी युवा पीढ़ी नशे की गर्त में जाएगी और क्षेत्र में अपराध बढ़ेंगे। हम अपने बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे।”
ब्लॉक प्रमुख हरीश बिष्ट का कहना है कि शराब की दुकान खोलने के विरोध में महिलाओं के प्रदर्शन के बारे में हमने सरकार को अवगत किया है।
