
नैनीताल में नंदा देवी महोत्सव के तहत मां नंदा सुनंदा की विदाई के लिए भक्तों का उमड़ हुजूम
इस दौरान पूरा शहर मां के जयकारों से गूंज उठा और भक्तों में मां के डोले में कंधा लगाने और फूल अक्षत चढ़ाने की होड़ मची रही। शाम को डोले के नगर भ्रमण के बाद झील में कदली से बनी मूर्तियों को विधि विधान के साथ विसर्जित किया जाएगा।
मां नंदा सुनंदा की विदाई भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा और पूरा शहर मां के जयकारों से गूंज उठा।
डोले में कंधा लगाने की होड: भक्तों में मां के डोले में कंधा लगाने और फूल अक्षत चढ़ाने की होड़ मची रही।
मूर्ति विसर्जन शाम को डोले के नगर भ्रमण के बाद झील में कदली से बनी मूर्तियों को विधि विधान के साथ विसर्जित किया जाएगा।
महोत्सव का आयोज नंदा देवी महोत्सव का आयोजन 28 अगस्त से 5 सितंबर तक किया गया था, जिसमें स्थानीय लोक संस्कृति, हस्तकला और कुमाऊनी व्यंजनों को प्रदर्शित किया गया।
पारंपरिक महत्व नंदा देवी महोत्सव कुमाऊं की सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसमें मां नंदा और उनकी बहन सुनंदा की पूजा की जाती है
