
आशा फाउंडेशन द्वारा आज शहीद सैनिक स्कूल में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सहयोग से एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 300 बालिकाओं और शिक्षिकाओं को जागरूक किया गया और उन्हें स्वयं की सुरक्षा के विषय में भी बताया गया।
जागरूकता और सशक्तिकरण आशा फाउंडेशन की अध्यक्ष आशा शर्मा ने कहा कि उनकी मुहिम युवाओं के लिए और युवाओं के साथ है। उन्होंने बालिकाओं को आंतरिक रूप से मजबूत बनने के लिए प्रेरित किया और कहा कि आंतरिक मजबूती से बाहरी खतरों से निपटने में आसानी होती है।
स्वास्थ्य और स्वच्छता: कार्यक्रम में बालिकाओं को माहवारी के समय होने वाली समस्याओं और उनके समाधान के बारे में बताया गया। साथ ही, उन्हें स्तन कैंसर के विषय में भी जागरूक किया गया और स्वयं परीक्षण के महत्व के बारे में बताया गया।
पुन: उपयोग में लाए जा सकने वाले पैड्स का वितरण आशा फाउंडेशन द्वारा सभी बालिकाओं और शिक्षिकाओं को कपड़े से बने पुन: उपयोग में लाए जा सकने वाले पैड्स वितरित किए गए। इससे न केवल पर्यावरण को लाभ होगा, बल्कि बाजार में मिलने वाले पैड्स के दुष्प्रभाव से भी बचा जा सकेगा।
आशा फाउंडेशन की पहल
आशा फाउंडेशन ने अब तक 5000 महिलाओं और लड़कियों को गांवों और स्कूलों में पुन: उपयोग में लाए जा सकने वाले पैड्स वितरित किए हैं। उनकी टीम पौड़ी गढ़वाल और कुमाऊं के 42 गांवों में पहुंच चुकी है और लगातार जागरूकता अभियान चला रही है।
आशा फाउंडेशन का यह जागरूकता कार्यक्रम न केवल बालिकाओं को स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूक करने में सफल रहा, बल्कि उन्हें आंतरिक रूप से मजबूत बनाने और नारी सशक्तिकरण के महत्व को समझाने में भी मददगार साबित हुआ। इस प्रकार के आयोजनों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में मदद मिलती है
इस दौरान आशा शर्मा (अध्यक्ष, आशा फाउंडेशन)अभिषेक भंडारी (स्टेट बैंक ऑफ इंडिया)हर्षवर्धन शाह (स्टेट बैंक ऑफ इंडिया)
मुन्नी तिवारी (आशा फाउंडेशन) नीलू एल्हंस (आशा फाउंडेशन)
