
उत्तराखंड के काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर आज आतंकवाद की संभावित घटना से निपटने के लिए एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह मॉक ड्रिल “ऑपरेशन सिन्दूर” के अंतर्गत जीआरपी थाना काठगोदाम के मार्गदर्शन में आयोजित की गई थी।
मॉक ड्रिल के उद्देश्य और आयोजन
इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी आपातकालीन स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था। मॉक ड्रिल में जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन अधिकारी, स्थानीय पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल, बम निष्क्रिय दस्ते, एंटी टेरर स्क्वाड, एसडीआरएफ, फायर सर्विस, चिकित्सा विभाग सहित अन्य टीमों ने भाग लिया।
मॉक ड्रिल की परिकल्पना और सफलता
मॉक ड्रिल की परिकल्पना के अनुसार, काठगोदाम रेलवे स्टेशन के स्टेशन प्रबंधक ने सूचना दी कि तीन संदिग्ध आतंकी स्टेशन में प्रवेश कर दिल्ली जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस में हमला करने की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही सुरक्षा बल, एसटीएफ व अन्य सभी टीमें त्वरित रूप से घटनास्थल पर पहुंचीं और स्टेशन की घेराबंदी कर मुठभेड़ की कार्रवाई की गई। ऑपरेशन सफल रहा और सभी एजेंसियों ने समयबद्ध एवं समन्वित रूप से कार्य करते हुए मॉक ड्रिल को सफल बनाया।
मॉक ड्रिल के दौरान जो भी कमियाँ सामने आई हैं, उन्हें समय रहते दुरुस्त किया जाएगा। प्रभारी आपदा प्रबंधन अधिकारी, कमल मेहरा ने सभी टीमों के समन्वय और समयबद्ध सहभागिता को संतोषजनक बताया। मॉक ड्रिल की समुचित मॉनिटरिंग जिलाधिकारी कार्यालय नैनीताल द्वारा की गई और समन्वय का कार्य जीआरपी काठगोदाम के थानाध्यक्ष द्वारा किया गया।
