कुमाऊँ आयुक्त व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत की अध्यक्षता में शारदा कॉरिडोर विकास परियोजना की प्रगति की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। बैठक में परियोजना के अंतर्गत लगभग 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के समग्र एवं सतत विकास की परिकल्पना प्रस्तुत की गई। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य टनकपुर एवं आसपास के क्षेत्रों को धार्मिक, सांस्कृतिक, पर्यटन, पर्यावरणीय एवं आर्थिक दृष्टि से विकसित कर एक विश्वस्तरीय पर्यटन एवं तीर्थ गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।

इन प्रमुख परियोजनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा
कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत ने बैठक के दौरान परियोजना से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अधिकारियों के साथ गहन मंथन किया। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का विकास।
शारदा नदी तट का पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्य।
ईको-पर्यटन, एडवेंचर, वाटर स्पोर्ट्स और डेस्टिनेशन वेडिंग को बढ़ावा देना।
शहरी अवसंरचना, सड़क, ड्रेनेज नेटवर्क का उन्नयन और आपदा न्यूनीकरण।
हेलीपोर्ट, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का निर्माण।
धार्मिक पर्यटन और स्थानीय रोजगार पर फोकस
समीक्षा बैठक में शारदा घाट पुनर्विकास (फेज-1 एवं फेज-2), किरोड़ा नाला इकोलॉजिकल कॉरिडोर, सिटी ड्रेनेज प्लान, राणाकोची मंदिर विकास, फॉरेस्ट इंटरप्रिटेशन सेंटर, एनएच-09 स्ट्रीटस्केपिंग, मल्टी-लेवल कार पार्किंग, श्रद्धा पथ और इंटीग्रेटेड वाटर स्पोर्ट्स सर्किट की वर्तमान प्रगति और लंबित स्वीकृतियों की समीक्षा की गई। आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ काम करने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। परियोजना का लक्ष्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय रोजगार सृजित कर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है।

पार्किंग, हेलीपोर्ट और रिवर राफ्टिंग के लिए बड़े बजट का प्रस्ताव
परियोजना के तहत बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई बड़े प्रस्ताव तैयार किए गए हैं:
बायोडायवर्सिटी सेंटर: टनकपुर में लगभग 5 हेक्टेयर भूमि पर इसका निर्माण किया जाएगा।

बहुमंजिला पार्किंग: पूर्णागिरि में ₹51.10 करोड़ की लागत से एक मल्टी-लेवल पार्किंग का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसमें करीब 250 चौपहिया वाहनों की पार्किंग क्षमता होगी और व्यावसायिक दुकानें भी बनाई जाएंगी।
हेलीपोर्ट: बनबसा में हवाई कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए हेलीपोर्ट विकसित किया जाएगा।
रिवर राफ्टिंग: शारदा नदी में एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए ₹19 करोड़ की लागत से चूका से बूम रेंज तक 22 किलोमीटर की दूरी में राफ्टिंग की व्यवस्था की जाएगी।
बैठक में ये रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण बैठक में ‘इजिस इंडिया कंसल्टिंग इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड’ (Egis India) की ओर से सत्यजीत रॉय गुप्ता, आर. के. यादव एवं शशांक सिंह उपस्थित रहे। वहीं, UPDDCC की ओर से महाप्रबंधक एम. के. सिंह, उप महाप्रबंधक पी. एन. राय, परियोजना प्रबंधक मयंक मित्तल एवं अमित बंसल ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त, शारदा कॉरिडोर के एसपीओसी (SPOC) राजीव रंजन भी ऑनलाइन माध्यम से बैठक में सम्मिलित हुऐ
