

जनस्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता: क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के नियमों का शत-प्रतिशत पालन करने के निर्देश
नैनीताल,
जनपद में जनस्वास्थ्य और राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ने जनपद के सभी पंजीकृत निजी चिकित्सालयों, नर्सिंग होम, डे-केयर सेंटर, पॉलीक्लिनिक और डायग्नोस्टिक सेंटरों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जनस्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्य दिशा-निर्देश और अपेक्षाएं:

राष्ट्रीय कार्यक्रमों में सहयोग: सभी निजी संस्थानों को सार्वभौमिक टीकाकरण, पल्स पोलियो अभियान, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता निभानी होगी।
मरीजों की काउंसलिंग और रेफरल: पात्र लाभार्थियों को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के प्रति जागरूक करना होगा और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें निकटतम सरकारी स्वास्थ्य इकाई में संदर्भित (रेफर) करना होगा।
HMIS पोर्टल पर अपडेट: भारत सरकार के HMIS पोर्टल पर चिकित्सालय से संबंधित सभी आवश्यक और महत्वपूर्ण सूचनाओं को नियमित व समयबद्ध तरीके से अपडेट करना अनिवार्य है।

अधिसूचित रोगों की रिपोर्टिंग: सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े संवेदनशील मामलों और अधिसूचित रोगों (Notifiable Diseases) की रिपोर्टिंग तय नियमों के अनुसार तुरंत करनी होगी।
नियमों का उल्लंघन करने पर होगी वैधानिक कार्रवाई
”Clinical Establishments Act, 2010 और उत्तराखंड के लागू प्रावधानों के तहत सभी पंजीकृत निजी संस्थानों को शासन के निर्देशों का अक्षरशः पालन करना होगा। सक्षम प्राधिकारियों को इन संस्थानों के औचक निरीक्षण, अनुश्रवण और नियमों के उल्लंघन पर वैधानिक व दंडात्मक कार्रवाई करने के स्पष्ट अधिकार प्राप्त हैं।”
— ललित मोहन रयाल, जिलाधिकारी (नैनीताल)
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) नैनीताल और सभी निजी चिकित्सा संस्थानों को आपस में बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि जिले के प्रत्येक नागरिक तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा सकें।
