
कुमाऊँ विश्वविद्यालय के नाम बड़ी उपलब्धि: कुलपति प्रो. दीवान एस. रावत ‘आउटस्टैंडिंग वाइस चांसलर ऑफ इंडिया’ से सम्मानित
नई दिल्ली/नैनीताल: उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कुमाऊँ विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय पटल पर अपनी छाप छोड़ी है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (कर्नल) दीवान एस. रावत को उनके उत्कृष्ट नेतृत्व और शैक्षिक सुधारों के लिए प्रतिष्ठित ‘आउटस्टैंडिंग वाइस चांसलर ऑफ इंडिया’ (Outstanding Vice Chancellor of India) पुरस्कार से नवाजा गया है।
सम्मान समारोह का विवरण
यह सम्मान नई दिल्ली में आयोजित ’15वें इंडिया एजुकेशन समिट एवं अवॉर्ड्स 2026′ के दौरान इंडिया एजुकेशन नेटवर्क द्वारा प्रदान किया गया। आपको बता दें कि यह संस्था देश भर में अकादमिक नवाचार और संस्थागत परिवर्तन को बढ़ावा देने के लिए जानी जाती है।
चयन का मुख्य आधार
विशेषज्ञ जूरी ने प्रो. रावत के चयन के लिए निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं को आधार बनाया:
प्रशासनिक सुधार: विश्वविद्यालय में पारदर्शी और डिजिटल आधारित निर्णय प्रणाली लागू करना।
शोध एवं नवाचार: कैंपस में शोध-उन्मुख वातावरण तैयार करना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर देना।
छात्र-केंद्रित नीतियां: विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए प्रभावी नीतियों का क्रियान्वयन।
”आज के दौर में केवल डिग्री काफी नहीं है। शिक्षा को व्यावहारिक कौशल, नवाचार और उद्योग की जरूरतों से जोड़ना अनिवार्य है ताकि विद्यार्थी आत्मनिर्भर बन सकें।”
— प्रो. दीवान एस. रावत (पुरस्कार वितरण के दौरान)
शिक्षा और रोजगार पर जोर
समारोह को संबोधित करते हुए प्रो. रावत ने डिग्री, कौशल और रोजगार के त्रिकोण पर बल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालयों को अब ‘अनुभव-आधारित शिक्षण मॉडल’ अपनाने की आवश्यकता है, जिससे शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी को कम किया जा सके।
विश्वविद्यालय परिवार में हर्ष की लहर
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर कुलसचिव डॉ. एम. एस. मंद्रवाल सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसरों (प्रो. नीता बोरा शर्मा, प्रो. संतोष कुमार, प्रो. एन. जी. साहू आदि) और समस्त स्टाफ ने कुलपति को बधाई दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सम्मान से कुमाऊँ विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय रैंकिंग और साख में और अधिक वृद्धि होगी।
