उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। यह फैसला राज्य सरकार द्वारा पंचायत चुनावों के लिए आरक्षण नियमावली की अधिसूचना जारी न करने के कारण लिया गया है।
आरक्षण प्रक्रिया राज्य सरकार पर आरोप है कि उसने आरक्षण प्रक्रिया नियमानुसार नहीं अपनाई है, जिससे चुनाव प्रक्रिया पर प्रश्नचिन्ह खड़े हो गए हैं।
हाईकोर्ट की टिप्पणी मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति आलोक महरा की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए सरकार की लापरवाही पर नाराजगी जताई।
चुनाव अधिसूचना राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनावों की अधिसूचना जारी की थी, जिसे अब हाईकोर्ट ने रोक दिया है।
राज्य सरकार का जवाब कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है और तब तक चुनावी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जा सकेगी।
चुनाव प्रक्रिया हरिद्वार को छोड़कर राज्य के 12 जिलों में दो चरणों में चुनाव होने थे और 19 जुलाई को मतगणना प्रस्तावित थी, जो अब अनिश्चितकाल के लिए टल गई है।
यह रोक राज्य सरकार के लिए एक बड़ा झटका है और अब देखना यह होगा कि सरकार इस मामले में आगे क्या कदम उठाती है।
