
उत्तराखंड के नैनीताल में स्थित कैंची धाम में 15 जून को आयोजित होने वाले मेले की सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए एडीजी लॉ एंड ऑर्डर वी. मुरुगेशन ने स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल और एसएसपी नैनीताल प्रहलाद नारायण मीणा भी मौजूद रहे।
मेले की सुरक्षा व्यवस्थाएं
एडीजी महोदय ने मेले की सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं:
- भीड़ नियंत्रण: श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मंदिर समिति और आयोजकों के साथ समन्वय बैठक कर समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
- निगरानी व्यवस्था: सीसीटीवी और ड्रोन की सहायता से 24×7 रीयल-टाइम निगरानी की जाएगी।
- पुलिस बल: 3 कंपनियां पीएसी और 800 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
- ट्रैफिक प्रबंधन: रूट डायवर्जन प्लान बनाया जाएगा और उसका प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से किया जाएगा।
तैयारियों की समीक्षा
एसएसपी नैनीताल ने मेले की तैयारियों की प्रस्तुति दी, जिसमें बताया गया कि मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई व्यवस्थाएं की जा रही हैं:
- प्रवेश और निकासी: मंदिर, पार्किंग और अन्य स्थलों पर प्रवेश और निकासी के द्वार अलग-अलग चिन्हित किए जाएंगे।
- पार्किंग: पार्किंग स्थलों पर पर्याप्त बल की तैनाती की जाएगी।
- सुचना: आवश्यक सूचना जैसे रूट प्लान, पार्किंग व्यवस्था, प्रसाद वितरण आदि से संबंधित फ्लेक्स बोर्ड प्रमुख स्थलों पर लगाए जाएंगे।
मेले का महत्व
कैंची धाम मेला एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं। इस वर्ष मेले में 2.5 लाख से 3 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेले की व्यापकता और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए तात्कालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए हैं ¹.
