मातृशक्ति की जीत मंगोली-बजून में नहीं खुलेंगे शराब के ठेके, पर लिखित आदेश तक आंदोलन जारी
नैनीताल सरोवर नगरी के खुर्पाताल क्षेत्र मंगोली, बजून और रातीघाट) में प्रस्तावित शराब की दुकानों के खिलाफ चल रहा आंदोलन निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है।
महिलाओं के 8 दिनों के कड़े संघर्ष के बाद सरकार ने इन स्थानों पर दुकानें न खोलने का निर्णय लिया है।
सांसद का हस्तक्षेप सांसद अजय भट्ट ने मुख्यमंत्री धामी से वार्ता कर और लिखित ज्ञापन सौंपकर जनता की भावनाओं के अनुरूप इन दुकानों को निरस्त करने के निर्देश दिए। सांसद प्रतिनिधि गोपाल रावत और गौरव गोस्वामी भी लगातार क्षेत्र की स्थिति से सरकार को अवगत कराते रहे।
लिखित पत्र पर अड़ी मातृशक्ति सरकार के आश्वासन के बावजूद प्रदर्शनकारी महिलाओं ने स्पष्ट कर दिया है कि
“जब तक प्रशासन द्वारा शराब की दुकान न खोलने का लिखित पत्र (Official Order) नहीं मिल जाता, तब तक आंदोलन और प्रदर्शन जारी रहेगा।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि वे बिना ठोस दस्तावेज़ के अपनी जीत को अधूरा मानते हैं और धरने से नहीं हटेंगे।
