कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ललित तिवारी ने जैव विविधता और संरक्षण पर जोर दिया है।‎

कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ललित तिवारी ने जैव विविधता और संरक्षण पर जोर दिया है।

‎कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ललित तिवारी ने जैव विविधता और संरक्षण पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि जैव विविधता जीवन है और इसका संरक्षण हमारी जिम्मेदारी है। प्रोफेसर तिवारी ने यह भी कहा कि भारत विश्व के 12 देशों में शामिल है जिसे मेगा डायवर्सिटी कंट्री कहते हैं। उन्होंने बताया कि जलवायु परिवर्तन पौधों के रिजनरेशन को प्रभावित कर रहा है और 22,530 प्रजातियां विलुप्तिप्राय हो गई हैं।


‎- जैव विविधता का संरक्षण पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक है।
‎- भारत में 25 हॉट स्पॉट हैं जहां जैव विविधता अधिक है।
‎- जलवायु परिवर्तन पौधों के रिजनरेशन को प्रभावित कर रहा है। प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में 12 पेड़ ऑक्सीजन के लिए जरूरी होते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *